‘वीनस आर्ट फेस्ट चित्र प्रदर्शनी’ का उद्धघाटन सांसद गिरीश बापट द्वारा किया गया

इस अवसर पर वीनस ट्रेडर्स के सुरेंद्र करमचंदानी व प्रसिद्ध चित्रकार रवि परांजपे मंच पर उपस्थित थे.वीनस आर्ट फेस्ट प्रदर्शनी में एक ही छत के नीचे एक से बढ़कर एक कलाकृतियों व दिग्गजों के चित्र देखने का मौका पुणेवासियों को मिला। 

बालगंधर्व रगमंदिर की आर्ट गैलरी में लगी चित्र प्रदर्शनी ‘वीनस आर्ट फेस्ट 2019’ के उद्द्घाटन के अवसर पर बाएं से सुधाकर चव्हाण, गिरीश बापट, सुरेंद्र करमचंदानी, रवि परांजपे व डॉ- सुभाष पवार चित्रों की दुनिया में एक अलग ही स्फूर्ति मिलती है, क्योंकि यहा राजनीति से अलग वातावरण होता है. कई बार तो किसी पुस्तक को पढ़ने से भी ज्यादा चित्र देखकर उसकी गंभीरता की जानकारी मिल जाती है। सांसद गिरीश बापट ने इन शब्दों में चित्रकारों को सम्मानित किया। बालगंधर्व रगमंदिर की आर्ट गैलरी में लगी चित्र प्रदर्शनी ‘वीनस आर्ट फेस्ट 2019’ के उद्द्घाटन के अवसर पर वे बोल रहे थे. 

इस अवसर पर वीनस ट्रेडर्स के सुरेंद्र करमचंदानी व प्रसिद्ध चित्रकार रवि परांजपे मंच पर उपस्थित थे. वीनस आर्ट फेस्ट प्रदर्शनी में एक ही छत के नीचे एक से बढ़कर एक  कलाकृतियों व दिग्गजों के चित्र देखने का मौका पुणेवासियों को मिला।  शनिवार, 8 जून से सोमवार, 10 जून तक सुबह 11 से शाम 7.30 बजे तक यह प्रदर्शनी कलाप्रेमियों के देखने के लिए खुली रखी गयी  थी। जहां 45 चित्रकारो के चित्र एक जगह पहली बार प्रदर्शित किय गए। 

गिरीश बापट ने कहा कि सिर्फ चेहरे ही बोला नहीं करते, बल्कि चित्र भी बोलते हैं. चित्रों की भाषा आंतरिक होती है और उसमें से चित्रकार की भावना, संवेदना, वेदना आदि की अभिव्यक्ति होती है. यह कला अनादिकाल से है और आगे भी रहेगी. 
चित्रकार रवि परांजपे ने कहा कि पहले राजदरबारों में कला व कलाकारों का सम्मान हुआ करता था, जो अब कम हुआ है. राजनीति व राष्ट्रनीति में अंतर है और मौजूदा सरकार की जीत के बाद राष्ट्रनीति शुरू हो रही है. वर्तमान में यह महसूस हो रहा है कि जितना महत्व बाॅलीवुड व क्रिकेट का है, उतना शिल्पकला व चित्रकला का नहीं रहा। अन्य कलाओं को महत्व देकर उन्हें आगे बढाना जरूरी है.

उद्द्घाटन समारोह में राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता शिल्पकार जीतेंद्र सुतार, कला क्षेत्र में डी.लिट. का पहला सम्मान हासिल करने वाले मुरली लाहोटी, मराठी हस्ताक्षर के कलाकार गोपाल वाकोड़े, कला शिक्षा क्षेत्र के डाॅॉ. अवधूत अत्रे, डाॅॉ. मिलिंद ढोबले, ‘आर्ट2डे फिरी’ की प्रियंवदा पवार, डॉ. सुभाष पवार का गिरीश बापट के हाथों सम्मान किया गया।

प्रदर्शनी में पेन्सिल, चारकोल, चाक, वाटर कलर, आॅयल कलर, एक्रेलिक आदि से निर्मित चित्र प्रदर्षित किये गये थे। प्रदर्शनी में गोवा, 9 जून की सुबह 11 से 1 बजे तक छोटे बच्चों के लिए चित्रकला के कुछ डेमो दिखाये गये तथा कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके अलावा शाम 4 से 7 बजे तक कलाप्रेमियों के लिए कार्यशाला आयोजित की गयी। 

प्रदर्शनी में दिग्गज चित्रकारों के चित्रों के अवलोकन का मौका 

प्रदर्शनी में कलाप्रेमियों को रवि परांजपे, मुरली लाहोटी, रावसाहेब गुरव, जयप्रकाश जगताप, सुधाकर चव्हाण, शोभा पत्की, मंजिरी मोरे, स्नेहल पागे रवि देव, मिलिंद मुलीक, संदीप यादव, संजय भालेराव, विलास कुलकर्णी, विवेक निंबालकर, शरद तरड़े व आदित्य शिर्के सहित कई सुप्रसिद्ध व दिग्गज कलाकारों के चित्रों का अवलोकन करने का मौका मिला।

महात्मा फुले वस्तु संग्रहालय में स्थायी आर्ट गैलरी देने को अनुशंसा

गिरीश बापट ने कहा कि महात्मा फुले वस्तु संग्रहालय में एक विभाग चित्रों के लिए रखा गया है. यह संग्रहालय सरकारी होने के  बावजूद सरकार से किसी भी तरह सहायता लिए बिना हमने इसकी मरम्मत है। संग्रहालय की चित्र-दीर्घा में कुछ चित्र हैं। साथ ही यह जगह स्थायी रूप से आर्टगैलरी हेतु देने की हमारी इच्छा है. यदि ऐसा हुआ तो चित्र, शिल्प जैसी कलाओं के लिए निशुल्क मंच उपलब्ध होगा।

News Slider
Special Feature
Tuesday, June 11, 2019